ढलके आँसू
कोई देख न पाया
छुपी वेदना
-अन्नदा पाटनी
ढ़ोंगी को गोद
सच्चा खाए दुत्कार
भावों की हार
-अमिता शाह 'अमी'
ढोल बजाते
बैठ काले रथ पे
बादल आते
-भावना कुँअर
ढोलक बजी
हाथों पर नेह की
मेंहदी रची
-रेखा राजवंशी
ढलती साँझ
नीड़ की तलाश में
भटके पंछी
-अर्बुदा ओहरी