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Wednesday, April 24, 2024

सो रहे ओढ़े

 सो रहे ओढ़े
सफेद-सा लिहाफ़
छुपे चिनार 

    -अनिल सक्सेना ज़ाहिर

समेट लेती

समेट लेती
धेरे की चादर
रात सवेरे 

  -नितीन उपाध्ये 

सार्थक शब्द

सार्थक शब्द 
दिशाएँ बदलते 
चोट करते

-दुर्गा सिन्हा उदार

संध्या बनाए

संध्या बनाए
हर शाम रंगोली 
आसमान में 
-आलोक मिश्रा

सूर्य किरणें

सूर्य किरणें
दुपट्टे में लपेट
ढलती साँझ
    -आरती परीख

संध्या फलक

संध्या फलक
क्षितिज के मस्तिष्क
सूर्य तिलक
    -आरती परीख

सीप में गिरी

सीप में गिरी 
मोती में ढल गई 
पानी की बूँद
-रंजना झा

Friday, January 19, 2024

समेट लेती

समेट लेती
अंधेरे की चादर
रात सवेरे 

-डॉ. नितीन उपाध्ये

Wednesday, June 21, 2023

संक्षिप्त मृत्यु

संक्षिप्त मृत्यु
रोज़ चली आती है
नींद बन के!

-डॉ. शैलजा सक्सेना

समृद्ध देश

समृद्ध देश 
कुंठा फिर भी शेष
श्वेत-अश्वेत

-विनीता तिवारी

सघन वृक्ष

सघन वृक्ष
झाँकने आ जाती है
कोमल धूप 

-प्रगति टिपणीस

Friday, June 16, 2023

स्कूल की बस

स्कूल की बस
चहल पहल सी
खुशबू फूल

-मीरा ठाकुर

Friday, June 02, 2023

स्वर्ग की कुंजी

स्वर्ग की कुंजी
माँ के पैरों के नीचे
माँ को समझो! 

-अन्जना 'अनजान' 

Wednesday, May 31, 2023

सूर्य की छवि

सूर्य की छवि 
निरखने को रुकीं
गंगा में नावें

-माया बंसल

Saturday, May 20, 2023

साँझ की धूप

साँझ की धूप
कहती अलविदा
चढ़ अटारी 

-चित्रा गुप्ता

Sunday, May 14, 2023

सैलानी बढ़े

सैलानी बढ़े 
पर्वतों के फेफड़े 
दर्द से भरे 

-आलोक मिश्रा

Tuesday, May 02, 2023

स्वप्न ही स्वप्न

स्वप्न ही स्वप्न 
बिक रहे ठेलों पे 
आये चुनाव 

-डॉ. नितीन उपाध्ये 

Sunday, April 30, 2023

सारा जीवन

सारा जीवन 
सिन्धु ने यूँ ही काटा
ये ज्वार-भाटा 

-डॉ. अनिल सक्सेना ‘ज़ाहिर'

Thursday, April 27, 2023

सुरम्य साँझ

सुरम्य साँझ 
नीड़ पे लौटे पंछी 
चहके चूज़े

-डॉ. अनिल सक्सेना ‘ज़ाहिर

Thursday, March 09, 2023

स्किपिंग रोप

स्किपिंग रोप
खेलते सतरंगी 
वर्षा के बच्चे !

-प्रीति गोविंदराज