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Saturday, September 17, 2022

हाथ से रोटी

हाथ से रोटी
छीन के उड़ गयी
'मैग्पाइ' चोट्टी

-डॉ. राय कूकणा
(ऑस्ट्रेलिया) 


[मैग्पाइ काग की जाती का पक्षी है जो अक्सर पिकनिक आदि के दौरान हाथ से खाना छीन के जाती है। इस चालाकी के लिए चोट्टी शब्द का प्रयोग किया है। ]



साँझ सवेरे

साँझ सवेरे
‘कुकुबारा’ बहनें
हंसी बिखेरे

-डॉ. राय कूकणा
(ऑस्ट्रेलिया) 

[Kookaburra ऑस्ट्रेलिया का laughing bird है जो रोज़ सुबह और शाम हंसी/अट्टहास करती है। वे अक्सर अपने परिजनों संग मिलकर बोलती है। 
इन्हें नियिमितता के लिए bushman clock “जंगल की घड़ी” भी कहा जाता है.]






Wednesday, September 14, 2022

सुन पुकार

सुन पुकार
पहचाने शावक
लौटी सील माँ
-डा. राय कूकणा

Tuesday, September 06, 2022

नेह का काँटा

नेह का काँटा
बिंध गई मछली
‘विश्वजाल’ में  

-राय कूकणा

Wednesday, August 31, 2022

साँझ की स्लेट

साँझ की स्लेट
कुंकुम छिटकाता
नभ चितेरा
-राय कूकणा

श्वेत हिम से

श्वेत हिम से
ढकी हैं पहाड़ियाँ
क्षीर की झील
-राय कूकणा

सर्दी के दिन

सर्दी के दिन
झाँकता बालारुण
गुड़ की भेली
-राय कूकणा

फोन की घंटी

फोन की घंटी
माँ हुमक उठी
बेटा विदेश
-राय कूकणा

Thursday, August 25, 2022

अटके प्राण

अटके प्राण
वृद्ध-प्रवासियों के 
मातृभूमि में 

-राय कूकणा

Tuesday, August 23, 2022

सजती साँझ

सजती साँझ
झील के आईने में
चाँद का टीका
-राय कूकणा

Saturday, August 20, 2022

फूली सरसों

फूली सरसों
सृजन को उतरीं
मधुपरियाँ

-डा० राय कूकणा

Friday, August 19, 2022

भोर का तारा

भोर का तारा
आशा का संवदिया
आलोक दूत

-डा० राय कूकणा