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Wednesday, September 14, 2022

यादों के फूल

यादों के फूल
खिल उठते जब
महके मन
-निर्मल सिद्धू

बड़ा निराला

बड़ा निराला
ये अंदाज़े-ज़िन्दगी
रोना-हँसना!
-निर्मल सिद्धू

बंजर मन

बंजर मन
प्रेम-प्यास ले घूमें
कौन पिलाए!
-निर्मल सिद्धू

ओढ़ ली कब

ओढ़ ली कब
बुढ़ापे की चादर
पता न चला
-निर्मल सिद्धू