माँ संग खड़ा
हरियाली से घिरा
नन्हा हिरन
-ईप्सा
रक्षा करता
हर मुसीबत से
माँ का आँचल
-ईप्सा
मिटा देती है
माँ की सारी थकान
बच्चे की हँसी
-ईप्सा
जान लेती है
बच्चे के मन को माँ
बिना बोले ही
-ईप्सा
व्याकुल पक्षी
धरती की उमस
मेघ बरसे
-ईप्सा
सुबह हुई
गाने लगे प्रभाती
खग-चारण
-ईप्सा
भूकंप आया
बिछुड़ गए बच्चे
अपनी माँ से
-ईप्सा
पागल हवा
उजाड़ डाला नीड़
पंछी बेबस
-ईप्सा
बेजुवान हैं
जंगली जानवर
स्वार्थी नहीं
-ईप्सा
निखार देती
फूलों के सौन्दर्य को
ओस की बूँदें
-ईप्सा
पूस ने डाँटा
काँपा कोहरे बीच
थका सूरज
-ईप्सा