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Tuesday, January 24, 2023

पहाड़ पिता

पहाड़ पिता 
रोके चंचल हवा 
बहकने से 

-ममता मिश्रा 

Saturday, January 21, 2023

उड़ना सीखे

उड़ना सीखे 
हुए पंछी प्रवासी 
घोंसला ख़ाली 

-ममता मिश्रा 

Friday, December 16, 2022

सर्वत्र एक

सर्वत्र एक 
पशु-पक्षी की बोली
एकता सूत्र 

-ममता मिश्रा 

लुप्त हो गये

लुप्त हो गये
पाषाण नगर में 
प्रकृति-गान !

-ममता मिश्रा 
(नीदरलैंड्स) 

Wednesday, October 05, 2022

तीन बत्तखें

तीन बत्तखें
अपने मक़सद 
अपनी राहें 

-ममता मिश्रा

Monday, September 05, 2022

बूढ़ा है पेड़

बूढ़ा है पेड़
छाल से झाँक रहे
अनेक किस्से
-ममता मिश्रा

तकती आँखें

तकती आँखें
पाठशाला का रास्ता
ड्रेस न बस्ता
-ममता मिश्रा

कानाफूसी में

कानाफूसी में
तितली ने क्या कहा
फूल मुस्काया!
-ममता मिश्रा

खोजती रही

खोजती रही
पौर वाली वे रातें
सूनी चैपाल
-ममता मिश्रा

Tuesday, August 23, 2022

अल्गोजा बजा

अल्गोजा बजा
धुन पर थिरकें
हवा के बच्चे
-ममता मिश्रा

Saturday, August 20, 2022

शहरी शादी

शहरी शादी
ठिठके पड़े रहे
बुआ के गीत

-ममता मिश्रा

घर- आँगन

घर-आँगन 
मिट्टी से लीपती माँ
मिट्टी में मिली !

-ममता मिश्रा