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Wednesday, April 24, 2024

डोरी तगड़ी

डोरी तगड़ी 
बांध उमंग सेतु 
पतंग उड़ी 
-पूजा अनिल

उड़ें साथ में

उड़ें साथ में 
पतंग नई कोरी 
मांझा कड़क 

-पूजा अनिल

Thursday, December 08, 2022

झुकतीं शाखें

झुकतीं शाखें 
ऊँची उठ आकाश 
वीपिंग विल्लो

-पूजा अनिल
 [स्पेन]

[वीपिंग विल्लो पेड़ मैंने मद्रिद में पार्क में देखे हैं जो ऊँचे एवम् बेहद आकर्षक होते हैं। ये हरे तथा घने वृक्ष अकसर पानी के किनारे होते हैं। ऐसा लगता है जैसे वे झुक कर अपनी सुन्दर परछाईं देख रहे हों।]



Tuesday, November 08, 2022

धूप बारिश

धूप-बारिश 
नीड़जीवी पाखी का
कहाँ ठिकाना! 

-पूजा अनिल

श्वेत बगीचा

श्वेत बग़ीचा 
खो गई हरियाली 
बर्फ़ में सोई 

-पूजा अनिल

Tuesday, August 23, 2022

खिले हैं पुष्प

खिले हैं पुष्प
हरी धरती खिली
खिला वसंत
-पूजा अनिल