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Wednesday, April 24, 2024

है बर्फ़बारी

 है बर्फ़बारी 
ये चिड़ियाँ बेचारी
भूख की मारी 

    -अनिल सक्सेना ज़ाहिर

हुआ दीवाना

हुआ दीवाना 
बादल बिजली का 
फूट के रोया 
-अनिल सक्सेना ‘ज़ाहिर’

Wednesday, June 07, 2023

हरसिंगार

हरसिंगार! 
हुआ क्या बीती रात ?
बिखरे फूल 

-डा॰ अनिल सक्सेना ‘ज़ाहिर’

Saturday, May 20, 2023

हैं सिरमौर

हैं सिरमौर
सुमन और शूल 
नागफनी के! 

-डॉ. अनिल सक्सेना ‘ज़ाहिर

Sunday, April 23, 2023

हवा भेजती

हवा भेजती
विंड मिल के हाथों
भेंट में ऊर्जा

-आलोक मिश्रा

Saturday, March 11, 2023

हिली थी ईंट

हिली थी ईंट
ढहा प्रेम महल
शक की रेत

-अमिता शाह 'अमी'

हारते नहीं

हारते नहीं 
ढूँढ़ ही लेते हम 
हार में जीत 

-डॉ० दुर्गा सिन्हा 'उदार'

Thursday, March 09, 2023

हो गये जवाँ

हो गये जवाँ
ज़रा चोट क्या लगी
याद आई माँ !

-अरुन शर्मा

हर त्रिकोण

हर त्रिकोण 
दो कोणों पे निर्भर 
तीसरा कोण 

-डॉ. नितीन उपाध्ये

Sunday, January 22, 2023

होंठों में क़ैद

होंठों में क़ैद 
अनकहे अल्फाज़
आँखों से गिरे

-आरती परीख

हाथ के चूहे

हाथ के चूहे
बिल में रख आये
पैन-पेंसिलें 

-डॉ. आरती 'लोकेश'

Monday, December 19, 2022

हम किनारे

हम किनारे
बाँहों में थामे खडे़
युगों से नदी

-उर्मिला मिश्रा

Wednesday, November 09, 2022

हाथ की रेखा

हाथ की रेखा 
सम्बंध अपनों के 
बंद मुट्ठी में 

-सुषमा मल्होत्रा

Tuesday, October 25, 2022

हवा करती

हवा करती
गुदगुदी पेड़ को
हँसते पत्ते

-अमिता शाह-'अमी'

हवा उठाये

हवा उठाये
बादलों को गोद में
भागती जाए

-अमिता शाह 'अमी'

Wednesday, October 19, 2022

हुई दूषित

हुई दूषित 
आकर शहर में 
गाँव की हवा 

-डॉ. नितीन उपाध्ये

Wednesday, October 12, 2022

हमिंग बर्ड

हमिंग बर्ड
उड़- उड़ के पीती 
फूलों का रस 

-आशा मोर

Sunday, October 09, 2022

हार कर भी

हार कर भी 
जीतना आसान है
निराशा कैसी! 

-डॉ० दुर्गा सिन्हा ‘उदार'

Saturday, September 17, 2022

हाथ से रोटी

हाथ से रोटी
छीन के उड़ गयी
'मैग्पाइ' चोट्टी

-डॉ. राय कूकणा
(ऑस्ट्रेलिया) 


[मैग्पाइ काग की जाती का पक्षी है जो अक्सर पिकनिक आदि के दौरान हाथ से खाना छीन के जाती है। इस चालाकी के लिए चोट्टी शब्द का प्रयोग किया है। ]



Thursday, September 15, 2022

हौसला ज़िन्दा

हौसला ज़िन्दा
समंदर को लाँघे
नन्हा परिंदा
-कृष्णा वर्मा