Showing posts with label . Show all posts
Showing posts with label . Show all posts

Wednesday, April 24, 2024

वृक्षों के वस्त्र

 वृक्षों के वस्त्र
पत्ते, फूल  फल
छीने बर्फ़ ने

    -अनिल सक्सेना ज़ाहिर

Thursday, November 30, 2023

व्यस्त सड़क

व्यस्त सड़क
गंतव्य से अज्ञात
भागते लोग

-मनीष श्रीवास्तव

Friday, June 02, 2023

वर्षा का अन्त

वर्षा का अन्त
बसन्त का आगमन
खिलेंगे फूल

-अन्जना 'अनजान'

वटवृक्ष-सी

वटवृक्ष-सी
छाँव है मेरी माँ की
जीवन-धूप

-अन्जना 'अनजान'

Thursday, March 09, 2023

विरह राग

विरह राग
कलियों ने गाकर
बाग भिगोया 

-राजेन्द्र सूरज

वृक्ष चीड़ के

वृक्ष चीड़ के
फाग में होली खेलें
पीले रंग से

-अरुन शर्मा

वन का राजा

वन का राजा 
हिलाने लगा पूँछ
शहर आके 

-डॉ. नितीन उपाध्ये

Sunday, December 18, 2022

वक़्त बेवक़्त

वक़्त  बेवक़्त
जर्जरित दास्तानें
डेरा जमाये

-आरती परीख

Monday, December 05, 2022

वक़्त की मार

वक़्त की मार
क्षीण होती ही चली
वक़्त के साथ

-आरती परीख

Friday, September 23, 2022

वर्षा जो आयी

वर्षा जो आयी
धूप के खरगोश
दूर जा छिपे
-भावना कुँअर

Friday, September 16, 2022

बतन बेजार

वतन बेज़ार
सात समंदर पार
है रोजगार

-अरुन शर्मा

Thursday, September 15, 2022

वर्षा की बूँदें

वर्षा की बूँदें
मिट्टी की है खुशबू
महका मन
-कुलभूषण व्यास

Sunday, September 04, 2022

वाणी के शर

वाणी के शर
भेदें भीतर तक
बनें दूरियाँ
–चित्रा गुप्ता

Thursday, September 01, 2022

विफलता भी

विफलता भी
यश का पड़ाव भी
हार क्यों मानूँ
-आनन्द रामराज उपाध्याय

Wednesday, August 31, 2022

वर्षा पहने

वर्षा पहने
बूँदों सजा लहँगा
मटक चले
–रचना श्रीवास्तव

Saturday, August 27, 2022

वोटर वे भी

वोटर वे भी
मीलों से लातीं पानी
सिर पे ढो के

-माया बंसल

Friday, August 26, 2022

व्याकुल पक्षी

व्याकुल पक्षी
धरती की उमस
मेघ बरसे
-ईप्सा 

Saturday, August 20, 2022

वृत्त में कैद

वृत्त में क़ैद 
गोल गोल घूमती 
धूरी बनी माँ !

-आराधना झा श्रीवास्तव