Showing posts with label *शालिनी वर्मा. Show all posts
Showing posts with label *शालिनी वर्मा. Show all posts

Wednesday, April 24, 2024

भूखा बालक

भूखा बालक 
कातर-सी निगाहें 
दोषी जगत 
    -शालिनी वर्मा 

Wednesday, February 08, 2023

कटे जंगल

कटे जंगल 
बिकती ऑक्सीजन 
मुश्किल घड़ी 

-शालिनी वर्मा 

Friday, January 13, 2023

गर्म अलाव

गर्म अलाव 
सुलगा रात भर 
ज़रा सी राख 

 -शालिनी वर्मा 
[दोहा ,कतर]

Wednesday, November 23, 2022

पूरा समुद्र

पूरा समुद्र 
रहता दो आँखों में 
ख़ुश्क ज़िंदगी

-शालिनी वर्मा 

Tuesday, November 15, 2022

पैरों का खेल

पैरों का खेल 
ज़माना हुआ जमा 
देखने फ़ीफ़ा 

-शालिनी वर्मा 

झरती बूँदें

झरती बूँदें
रंगीन मफ़लर
थमाती रश्मि 

-शालिनी वर्मा 

नन्हें से पंख

नन्हें से पंख 
नाप लेती आकाश
छोटी चिड़िया

-शालिनी वर्मा 

Friday, November 04, 2022

रात के आँसू

रात के आँसू 
ओस बन सुनाते 
कई कथाएँ

-शालिनी वर्मा 

Thursday, November 03, 2022

शीत ऋतु में

शीत ऋतु में 
फ़र की शॉल ओढ़े 
दुबकी बिल्ली 

-शालिनी वर्मा 

Thursday, October 06, 2022

साक्ष्य दिखाते

साक्ष्य दिखाते 
प्राचीन शिलालेख 
वक़्त की आँखें

-शालिनी वर्मा 

Friday, September 16, 2022

पानी के छींटे

पानी के छींटे 
मेघ खोलें ढक्कन 
हर्षित जन

-शालिनी वर्मा

Saturday, September 03, 2022

रुई के फाहे

रुई के फाहे
बिखरे हैं नभ में
खेलें शशक 

-शालिनी वर्मा

Saturday, August 20, 2022

बेबस स्त्री

बेबस स्त्री 
अधिकार के प्रश्न 
निःशब्द जग

-शालिनी वर्मा 

उग आये हैं

उग आये हैं
यहाँ- वहाँ पल्लव 
धरा के शिशु

-शालिनी वर्मा