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Wednesday, April 24, 2024

अण्डे ग़ायब

अण्डे ग़ायब
बर्फ़ की पर्तों तले 
पक्षी निहारें 

    -माया बंसल 

चिपकी यादें

चिपकी यादें 
पुरानी हवेली की 
भूत-सी आतीं  
-माया बंसल 

धरा पे खड़ा

धरा पे खड़ा 
वृक्ष करता वार्ता 
आसमान से 
-माया बंसल 

Monday, April 22, 2024

धरा पे खड़ा

धरा पे खड़ा 
आकाश छूना चाहे 
उत्साही वृक्ष

-माया बंसल 

Tuesday, June 06, 2023

भूलो न मुझे

भूलो न मुझे
घर की गौरेया हूँ
कहाँ आँगन? 

-माया बंसल

Wednesday, May 31, 2023

सूर्य की छवि

सूर्य की छवि 
निरखने को रुकीं
गंगा में नावें

-माया बंसल

Friday, January 13, 2023

तट देखते

तट देखते 
नदी की अठखेली 
ख़ामोश पड़े 

-माया बंसल 

Thursday, November 17, 2022

गंध बिखेर

गंध बिखेर 
रातरानी करती
प्रिय-प्रतीक्षा 

-माया बंसल 

Wednesday, November 02, 2022

पीपल साधु

पीपल संत
ना मिले दाना-पानी 
धूप में खुश  

-माया बंसल 

Tuesday, November 01, 2022

मेघ चँदोवा

मेघ चँदोवा
बिछी फेन चादरें 
व्हेल्स की सभा 

-माया बंसल 

सिखातीं हमें

सिखातीं हमें 
समूह-प्रबंधन 
मधुमक्खियाँ 

-माया बंसल

Monday, October 17, 2022

मयूर नृत्य

मयूर-नृत्य 
थिरकते पंखों में
अंग-प्रत्यंग

-माया बंसल

Thursday, September 22, 2022

सूर्य उगता

सूर्य उगता 
डूबता भी है रोज 
प्रारम्भ-अंत

-माया बंसल

Friday, September 16, 2022

ब्लू जे बर्ड है

ब्लू ज़े बर्ड है 
फुर्तीली, नख़रीली 
खाये, बिखेरे 

-माया बंसल

Saturday, September 10, 2022

प्यासी धरती

प्यासी धरती 
खींच लाती मीलों से 
स्नेह की वर्षा

-माया बंसल

माँ पृथ्वी घूमें

माँ पृथ्वी घूमें
चकरघन्नी सी ही 
जीवन भर 

-माया बंसल 

Wednesday, August 31, 2022

तुरुप देती

तुरुप देती 
फटे रिश्तों को दादी  
बिना सुई के 

-माया बंसल

सर्दी की धूप

सर्दी की धूप 
चंचल बच्ची बन 
दौड़ाती पीछे

-माया बंसल

Monday, August 29, 2022

सूर्य मेरा है

सूर्य मेरा है 
चिढ़ाता है पर्वत 
नीचे वालों को 

-माया बंसल

कैसी ये सजा

कैसी ये सजा
उल्टे खडे़ हैं वृक्ष
सरोवर में! 

-माया बंसल