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Wednesday, April 24, 2024

बर्फ से ढँकी

 बर्फ से ढँकी 
चिनार की वादियाँ 
सन्नाटा व्याप्त

    -रंजना झा

सीप में गिरी

सीप में गिरी 
मोती में ढल गई 
पानी की बूँद
-रंजना झा

छत पे पड़ी

छत पे पड़ी 
गिनती रही तारे
सपने बुने
    -रंजना झा

जल का स्तर

जल का स्तर 
जा बैठा पाताल में 
मुँह छुपा के
    -रंजना झा

जले पटाखे

जले पटाखे 
फैला तम चादर 
गगन रोया
    -रंजना झा 

घुला जहर

घुला जहर 
धुआँ धुआँ शहर 
कैसी दीवाली
    -रंजना झा

Wednesday, May 31, 2023

डूबा सूरज

डूबा सूरज 
व्योम के फलक पे 
लालिमा फैली

-रंजना झा

Saturday, May 20, 2023

घूँघट ओढ़े

घूँघट ओढ़े 
चाँद सितारे जड़े 
शर्मीली रात

-रंजना झा

Thursday, April 20, 2023

मनु संतानें

मनु-संतानें 
धोतीं पाप-गठरी 
सिसकी गंगा

-रंजना झा

Wednesday, January 04, 2023

जिद पे अड़ा

जिद पे अड़ा 
ये हठीला सूरज 
धुंध में फँसा

-रंजना झा

Friday, December 16, 2022

चैन से सोयी

चैन से सोयी 
शरद के बहाने 
जवाकुसुम

-रंजना झा

Wednesday, December 07, 2022

चैन से सोयी

चैन से सोयी 
शरद के बहाने 
जवाकुसुम

-रंजना झा

Tuesday, November 15, 2022

दर्द छिपाती

दर्द छिपातीं
मुखौटे के अंदर 
अक्सर स्त्रियाँ

-रंजना झा

काँपती रात

काँपती रात 
धुंध की चादर ओढ़े 
ठौर खोजती

-रंजना झा

Friday, November 11, 2022

शरद ऋतु

शरद ऋतु 
खींच लायी आँगन 
फूलों के झुंड

-रंजना झा

Thursday, November 03, 2022

धूप सेंकती

धूप सेंकती 
नरम शाल ओढ़े 
अलसायी सी

-रंजना झा

Tuesday, November 01, 2022

खग विदेशी

खग विदेशी 
करते मनुहार 
शरद ऋतु

-रंजना झा

डूबता सूर्य

डूबता सूर्य 
फिर सुबह होगी 
देता संदेश

-रंजना झा

ममता मोह

ममता मोह 
परिवार की धुरी 
छूटेगा कैसे

-रंजना झा

ओस की बूँद

ओस की बूँद 
ठहरी घास पर 
आकाश रोया

-रंजना झा