जल या थल
ठहरे न जीवन
भागम भाग
-डा० रेशमा हिंगोरानी
फूल गायब
पत्थरों को चूमती
थकी तितली
-डा. रेशमा हिंगोरानी
कैसा ये रब
चलाए अपनी ही
जाने तो सब
-डा. रेशमा हिंगोरानी
आया वो जब
था गुहर -तलब
ले गया सब
-डा. रेशमा हिंगोरानी
यूँ पहचान
ख़ुद अन्दर झाँक
रब को जान
-डा. रेशमा हिंगोरानी
दूरी ने लूटा
मिलना ज़रूरी था
तिलिस्म टूटा
-डा. रेशमा हिंगोरानी
मत्स्य स्मृतियाँ
जीवन समंदर
मछुआ गुम
-डा. रेशमा हिंगोरानी
शीशमहल
आँसुओं से चमका
तुम ही तुम
-डा. रेशमा हिंगोरानी
तुम्हारी भाँति
ला रहे उपवन
हरित क्रान्ति
-डा. रेशमा हिंगोरानी
सन्नाटा कैसा
गोलाबारी है जारी
अरे! जुगनू
-रेशमा हिंगोरानी
पत्तों ने खोले
रंग बदल कर
रिश्तों के भेद
-रेशमा हिंगोरानी
जाड़ा बेअंत
जादूगर हिरनी
लाई वसंत
-रेशमा हिंगोरानी