Showing posts with label *उमेश मौर्य. Show all posts
Showing posts with label *उमेश मौर्य. Show all posts

Friday, September 02, 2022

मधुर रिश्ते

मधुर रिश्ते
पेड़ों पर मनौती
बाँधती स्त्रियाँ  
-उमेश मौर्य

Thursday, September 01, 2022

भागती फिरें

भागती फिरें
सिगरेट फूँकती
रेलगाड़ियाँ
-उमेश मौर्य

बैल हाँकते

बैल हाँकते 
बतियाते बुजुर्ग
पकता गुड़
-उमेश मौर्य

बुनता रहा

बुनता रहा 
सुरक्षा का स्वेटर 
रेशमी कीड़ा
-उमेश मौर्य

बाँचती रहीं

बाँचती रहीं
कोने में मकड़ियाँ
वेद-पुरान
-उमेश मौर्य

बर्फ के फूल

बर्फ के फूल
सजाये सिर पर
खड़ी कपास
-उमेश मौर्य

बया का स्वर

बया का स्वर
प्यानों में ढूँढ़ रहा
बूढ़ा वादक
-उमेश मौर्य

पड़ी फुहार

पड़ी फुहार
आत्मदाह करते
कीट-पतंगे
-उमेश मौर्य

फूटा गुब्बारा

फूटा गुब्बारा
हवा में मिल गईं
हवा की साँसें
-उमेश मौर्य

नीला आकाश

नीला आकाश
उड़ती मछलियाँ
हवाई यान
-उमेश मौर्य

देश विदेश

देश-विदेश
घूमता रहा कोरोना
सूनी सड़कें
-उमेश मौर्य

नयी कोपलें

नयी कोपलें  
पक्षियों के स्वर से
गूँजता वन
-उमेश मौर्य

डूबता गाँव

डूबता गाँव
पोथी में पंडित जी
ढूँढ़ते हल
-उमेश मौर्य

डूबता सूर्य

डूबता सूर्य 
कतारबद्ध पंक्षी
लौटते घर 
-उमेश मौर्य

ठंड का डर

ठंड का डर
सिमट कर बैठा
बोतल में घी
-उमेश मौर्य

झूमते रहे

झूमते रहे 
हवा के संग संग 
रस्सी पे वस्त्र
-उमेश मौर्य

झाड़ी के पीछे

झाड़ी के पीछे 
छुपकर बैठता 
साँझ का सूर्य
-उमेश मौर्य

छोटा तालाब

छोटा तालाब
बत्तख परिवार
रुई के फाहे
–उमेश मौर्य

छँटा कुहासा

छँटा कुहासा 
खिड़कियों पे वस्त्र 
फैलाती स्त्रियाँ
–उमेश मौर्य

चहके पंक्षी

चहके पंक्षी 
प्रकृति का संगीत
गूँजता वन
–उमेश मौर्य