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Thursday, September 01, 2022

पेड़ की जड़ें

पेड़ की जड़ें
माटी भीतर सींचें
जीवन-डोर
-अर्बुदा ओहरी

रुई के फाहे

रुई के फाहे
बादलों पर छाये
वृक्ष नहाये
-अर्बुदा ओहरी

प्रीत सँवारे

प्रीत सँवारे
पेड़ के कोटर में
निर्मित नीड़
-अर्बुदा ओहरी

खड़े हैं शान्त

खड़े हैं शान्त
जंगल में तैनात
चीड़ के पेड़
–अर्बुदा ओहरी

ढलती साँझ

ढलती साँझ
नीड़ की तलाश में
भटके पंछी
-अर्बुदा ओहरी

उड़ जायेगा

 उड़ जायेगा
तोड़ सब बंधन
ये अन्तर्मन
-अर्बुदा ओहरी

Tuesday, August 23, 2022

अँधेरा नहीं

अँधेरा नहीं
उजाला डराता है
चोर मन को
–अर्बुदा ओहरी