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Sunday, July 30, 2023

लौटातीं साँसें

लौटातीं साँसें
कुम्हलाए पत्तों में 
वर्षा की बूँदें
          -मंजु मिश्रा

Thursday, May 11, 2023

माँ के सपने

माँ के सपने
बिटिया की आँखों में 
जाएँगे स्कूल  

-मंजु मिश्रा 

Wednesday, September 14, 2022

दे तो दूँ तुम्हें

दे तो दूँ तुम्हे 
मेरी आँखों के ख़्वाब 
रखोगे कहाँ  

-मंजु मिश्रा

Tuesday, August 30, 2022

सूखे फूल-सी

सूखे फूल-सी
निकलीं किताबों में 
पुरानी यादें
-मंजु मिश्रा

हौसलों से ही

हौसलों से ही 
हारती हैं मुश्किलें 
भूलना मत

-मंजु मिश्रा

सुख न रहा

सुख न रहा
न दुख ही रहेगा
सदा के लिए
-मंजु मिश्रा

सर्द रातों में

सर्द रातों में
ओढ़ लेती है हवा
बर्फ ही बर्फ
-मंजु मिश्रा

याद पेड़ की

याद पेड़ की 
चुनमुन चिरैया 
फुर्र हो गयी
-मंजु मिश्रा

मुट्ठी में बाँधे

मुट्ठी में बाँधे
जीवन का सारांश
प्यारी बिटिया
-मंजु मिश्रा

मुट्ठी बंद की

मुट्ठी बंद की
यादें समेटने को, 
हवा हो गयीं 
-मंजु मिश्रा 

मन मोहते

मन मोहते
बर्फ़ से ढँके पेड़
जीना कठिन
-मंजु मिश्रा

भारी पड़ती

भारी पड़ती 
हजार शिकवों पे 
एक ख़ामोशी
-मंजु मिश्रा

भरे पेट को

भरे पेट को 
सूझता है रोमांस 
चाँद के साथ
-मंजु मिश्रा

पूल में कूदी

पूल में कूदी
नटखट चिड़िया
जून की गर्मी
-मंजु मिश्रा

पारा हो गयी

पारा हो गयी
नदी पिघल कर
चाँद के साथ
-मंजु मिश्रा 

नैनों की झील

नैनों की झील
सपनों की नौकाएँ
तिरती रहीं
-मंजु मिश्रा

तितलियों ने

तितलियों ने
वासंती ख़त लिखें
मौसम के नाम
–मंजु मिश्रा

तितलियों ने

तितलियों ने
छेड़ दिया ज़रा सा
हँसे गुलाब
-मंजु मिश्रा

तरु तन से

तरु तन से
खींच ली चुनरिया
सिसकी धरा
-मंजु मिश्रा

तन प्रवासी

तन प्रवासी
साँसें ढूँढ़ती रहीं
माटी की खुश्बू
-मंजु मिश्रा