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Wednesday, August 31, 2022

मृग अकेला

मृग अकेला
देखे पलट कर
घर किसका!
-मनीष पाण्डेय

पेड़ों की छाँव

पेड़ों की छाँव
हिरना अलसाया
थके हैं पाँव
-मनीष पाण्डेय

आया बसंत

आया बसंत
हरी-भरी बगिया
घोले सुगंध

-मनीष पाण्डेय

पत्थर टूटा

पत्थर टूटा
चला जीवन चक्र
अंकुर फूटा
-मनीष पाण्डेय

Tuesday, August 23, 2022

उगती घास

उगती घास
चीरकर पत्थर
जीवन सत्य

-मनीष पाण्डेय