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Thursday, September 08, 2022

बौना सन्नाटा

बौना सन्नाटा
चटके इश्तहार
फिल्म की रील
-रजनी भार्गव

पतझड़ में

पतझड़ में
पत्ते गिरे तरु से
मैंने पहने
-रजनी भार्गव

Friday, August 26, 2022

भोजपत्र पे

भोजपत्र पे
रचे थे महाकाव्य
आज भी जिंदा
-रजनी भार्गव

बरसा मेह

बरसा मेह
टीन का खपरैल
चाय का ढाबा
-रजनी भार्गव

पुराने पन्ने

पुराने पन्ने
सतपुड़ा के वन
उजड़ी कथा
-रजनी भार्गव

पुरानी मिल

पुरानी मिल
धूप लिखती किस्से
बिखरे शीशे
-रजनी भार्गव

पुराना पत्ता

पुराना पत्ता
क्रिस्मस पोस्टकार्ड
बर्फीली हवा
-रजनी भार्गव

पीली पत्तियाँ

पीली पत्तियाँ
शरद की तूलिका
ढलते रंग

-रजनी भार्गव

पिघली बर्फ

पिघली बर्फ
बूँद बन के गिरी
दूब मुस्काई
-रजनी भार्गव

पहली बर्फ

पहली बर्फ
घर का पिछवाड़ा
भीगा बस्ता
-रजनी भार्गव

टूटे कँगूरे

टूटे कँगूरे
बूँदों से भरा थाल
शिव मंदिर
-रजनी भार्गव

घना कोहरा

घना कोहरा
बसा कोने–कोने में
लाओ धूप को
-रजनी भार्गव

गरजे मेघ

गरजे मेघ
कानाफूसी करते
ऊँचे शीशम
-रजनी भार्गव

Tuesday, August 23, 2022

नन्ही मछली

नन्ही मछली
पोखर है हाथ में
जमी है काई
-रजनी भार्गव

Sunday, August 21, 2022

धूप की फाँक

धूप की फाँक
फ़राश की पत्तियाँ 
कुतरी भोर

-रजनी भार्गव