कविता की पाठशाला
नवगीत की पाठशाला
हिंदी की सौ सर्वश्रेष्ठ प्रेम कविताएँ
link
कविता की पाठशाला
व्योम के पार
हाइकु संग्रह कोश
हिन्दी हाइकु कोश
Showing posts with label
**हाइकु
.
Show all posts
Showing posts with label
**हाइकु
.
Show all posts
Sunday, March 29, 2026
मीलों चलते
मीलों चलते
ढूँढ़ते चारा-पानी
ऊँट बंजारे
-डॉ. आरती ‘लोकेश’
Tuesday, May 13, 2025
पूर्ण चन्द्रमा
पूर्ण चंद्रमा
देखा जो लहर ने
नाचने लगी
-डॉ. नितीन उपाध्ये
धरा जागती
धरा जागती
रवि के रथ पर
सोई किरणें
-राजेन्द्र सूरज
Monday, May 12, 2025
धूल चख के
धूल चख के
चटकारे ले हवा
वर्षा से पूर्व
-प्रीति गोविंदराज
भरी सड़क
भरी सड़क
नहीं कहीं संवाद
लड़ते लोग
-डॉ. अनिल सक्सेना ‘ज़ाहिर’
Thursday, April 25, 2024
कोट बर्फ़ का
कोट बर्फ़ का
पहने देवदार
पहरेदार
-अनिल सक्सेना ‘ज़ाहिर
Wednesday, April 24, 2024
पंछी खेलते
पंछी खेलते
रुपहली धरती
लगे अनूठी
-स्नेहा देव
रँगा गगन
रँगा गगन
बना ऐक्वेरियम
तैरें पतंगें
-अनिल सक्सेना
बनी अखाड़ा
बनी अखाड़ा
राजनीतिक निष्ठा
प्राण-प्रतिष्ठा
-अनिल सक्सेना ‘ज़ाहिर’
कठिन ऋतु
कठिन ऋतु
तैयार है जीवन
ज़िद जीने की
-स्नेहा देव
अण्डे ग़ायब
अण्डे ग़ायब
बर्फ़ की पर्तों तले
पक्षी निहारें
-माया बंसल
बैंच पे लेटी
बैंच पे लेटी
बतिया रही हिम
नीरवता से
-आरती लोकेश
ठूँठ कूटते
ठूँठ कूटते
नमक की डलियाँ
मूसल बने
-आरती लोकेश
बिछी है बर्फ़
बिछी है बर्फ़
श्वांस को तरसती
दूब बेचारी
-आलोक मिश्रा
माँझे ने काटीं
माँझे ने काटीं
बेशुमार पतंगें
पक्षी के पर
-अनिल सक्सेना ‘ज़ाहिर’
बर्फ़ देखने
बर्फ़ देखने
उतरे धरा पर
आज परिंदे
-अरुन शर्मा
ठण्डी सिंकाई
ठण्डी सिंकाई
झुलसे तन पर
करती धरा
-नितीन उपाध्ये
बदले चोला
बदले चोला
तान श्वेत चादर
धरा सुन्दरी
-नितीन उपाध्ये
बर्फ़ ही बर्फ़
बर्फ़ ही बर्फ़
अब धरती ने ली
चैन की साँस
-आलोक मिश्रा
शुभ्र चादर
शुभ्र चादर
बर्फ़ का ताना-बाना
सभी को ढके
-आरती लोकेश
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)