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Tuesday, August 30, 2022

हवा महल

हवा महल
रानियाँ पर्दानशीं
आधी आज़ादी!
-शार्दुला नोगजा

हरी पत्तियाँ

हरी पत्तियाँ
देखतीं सूरज को
सुबह होते
-शार्दुला नोगजा

स्वर्ण से लदे

स्वर्ण से लदे
छटपटाते बुद्ध
यही सिखाया ?
-शार्दुला नोगजा

हद में काशी

हद में काशी
अनहद प्रकाशी
शिव आकाशी
-शार्दुला नोगजा

स्कूल के संग

स्कूल के संग
बन गई दबंग
नन्ही मछली
-शार्दुला नोगजा

बड़े कठिन

बड़े कठिन
सौंदर्य मापदंड के
दुखी बच्चियाँ
-शार्दुला नोगजा

नन्ही हथेली

नन्ही हथेली
सकुचाते खोलती
नर्म कोंपल
-शार्दुला नोगजा

दु:ख के झुंड

दु:ख के झुंड
जीवन का जंगल
सुख अकेला
-शार्दुला नोगजा 

दमन चक्र

दमन चक्र
सदियों से चलता
चलाता कौन ?
-शार्दुला नोगजा

काली बदली

काली बदली
मायके को लौटती
धरा की बेटी
-शार्दुला नोगजा

कलियाँ फूटीं

कलियाँ फूटीं
गुलाब का बगीचा
सोहर गाता
-शार्दुला नोगजा

Tuesday, August 23, 2022

अंकुर फूटा

अंकुर फूटा
मिट्टी, उमस बीच
उम्मीद बँधी
-शार्दुला नोगजा