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Tuesday, August 30, 2022

सूखी टहनी

सूखी टहनी
कोहरे में छिपती
किसे बुलाती
-लावण्या शाह

सर्दी की भोर

सर्दी की भोर
बज रहे हैं घंटे
घाटियाँ जागी
-लावण्या शाह

Tuesday, August 23, 2022

श्वेत बर्फ पे

श्वेत बर्फ पे
खड़ा हिरन जोड़ा
मौन है वन
-लावण्या शाह