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Saturday, September 24, 2022

मजबूर हूँ

मजबूर हूँ
गुलामी में जकड़ा 
मजदूर हूँ

-वंदना वात्स्यायन

Tuesday, August 30, 2022

सिंदूरी नभ

सिंदूरी नभ
साँझ बनी दुल्हन
फैला आँचल
-वंदना वात्स्यायन

बर्फीली हवा

बर्फीली हवा
बिना पूछे आ जाती
काँच को तोड़
-वंदना वात्स्यायन

बर्फीली रात

बर्फीली रात
बिछा गया उजाला
शर्माया  चाँद
-वंदना वात्स्यायन

पीली सरसों

पीली सरसों
ले आया ऋतुराज
रंग उल्लास
-वंदना वात्स्यायन

काँपती धूप

काँपती धूप 
आयी बर्फीले घर 
भेष बदल
–वंदना वात्स्यायन

Tuesday, August 23, 2022

तितली तृप्त

तितली तृप्त
करके मधुपान
फूल बेहाल
-वंदना वात्स्यायन

Saturday, August 20, 2022

अमीर तोंद

अमीर तोंद
सदियों से ढो रहा 
गरीब पेट

-वंदना वात्स्यायन