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Wednesday, April 24, 2024

रँगा गगन

रँगा गगन
बना ऐक्वेरियम
तैरें पतंगें

    -अनिल सक्सेना 

रचे प्रकृति

रचे प्रकृति
सर्द उँगलियों से
उजला चित्र

    -प्रीति गोविंदराज

राम का घर

राम का घर
जनमानस मन
शालिग्राम भी 

    -अनिल सक्सेना ज़ाहिर

राम ने खींची

राम ने खींची 
उत्तम मर्यादा की
लक्ष्मण रेखा

    -अनिल सक्सेना ज़ाहिर

रँगा गगन

 गा गगन
बना ऐक्वेरियम
तैरें पतंगें
    -अनिल सक्सेना ज़ाहिर 

राम ने खींची

राम ने खींची 
उत्तम मर्यादा की
‘लक्ष्मण रेखा’
-अनिल सक्सेना ‘ज़ाहिर’

Friday, September 15, 2023

रहे झूलती

रहे झूलती 
जोड़ कर दो कुल  
पुल सी नारी 

-डॉ. नितीन उपाध्ये 

Wednesday, June 21, 2023

रोने भी दे

रोने भी दे
क्यों चिपकाऊँ व्यर्थ
मुस्कान झूठी!

-डॉ. शैलजा सक्सेना

Wednesday, June 07, 2023

रिश्तों के बीच

रिश्तों के बीच
गठानें हैं कितनी
दूरी इतनी

-अमिता शाह 'अमी'

Monday, May 22, 2023

रेलमपेल

रेलमपेल 
फ़ेसबुक, ई-मेल
लापता रिश्ते! 

-डा॰ अनिल सक्सेना ‘ज़ाहिर’
दुबई

Saturday, March 11, 2023

रजत-सर्प

रजत-सर्प 
उठती लहरों में 
जी भर नाचे 

-उर्मिला मिश्रा

Thursday, March 09, 2023

रोको ना इन्हें

रोको ना इन्हें 
ढूँढ़ ही लेंगी रास्ता 
बेल-लताएँ

-आलोक मिश्रा

Thursday, February 16, 2023

रोटी की भूख

रोटी की भूख
चुकाती रहती है
जीने का मोल

-आराधना झा श्रीवास्तव 

Sunday, January 22, 2023

रंग-बिरंगे

रंग-बिरंगे
नये फैशन जाने 
धानी पत्तियाँ

-प्रीति गोविंदराज



रोबोट आये

रोबोट आये
इंसान कहाँ जायें 
कमाने–खाने

-आलोक मिश्रा

रिश्तों की लड़ी

रिश्तों की लड़ी
पोते ने छुड़वा दी
दादा की छड़ी

-अरुन शर्मा

Wednesday, December 07, 2022

रंग बू घोले

रंग-बू घोले
मिले बाँहें खोल
ये डॉगवुड !

-प्रीति गोविंदराज 
     (वर्जिनिया) 


[डॉगवुड वर्जिनिया का खास वृक्ष है। इसके छोटे सफेद या गुलाबी रंग के फूल बहुत आकर्षक होते हैं। फूलों की बहुत भीनी मनभावन खुशबू भी होती है। इस वृक्ष की विशेषता है इसकी लचीली,नाज़ुक डालियाँ बाहों की तरह फैल जाती हैं। पतझड़ में इसका रंग लाल हो जाता है।]





Monday, November 21, 2022

रेत के टिब्बे

रेत के टिब्बे
भटकें यहाँ वहाँ
मरु-बंजारे 

-डॉ. आरती 'लोकेश'

Friday, November 11, 2022

रामेश्वरम

रामेश्वरम
गीत गाते पत्थर
जुड़ते गए

-डॉ० दुर्गा सिन्हा उदार 

Thursday, November 10, 2022

रक्षा करता

रक्षा करता
हर मुसीबत से 
माँ का आँचल

-ईप्सा