झुकतीं शाखें
ऊँची उठ आकाश
वीपिंग विल्लो
-पूजा अनिल
[स्पेन]
[वीपिंग विल्लो पेड़ मैंने मद्रिद में पार्क में देखे हैं जो ऊँचे एवम् बेहद आकर्षक होते हैं। ये हरे तथा घने वृक्ष अकसर पानी के किनारे होते हैं। ऐसा लगता है जैसे वे झुक कर अपनी सुन्दर परछाईं देख रहे हों।]

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